This celebration encourages us to create profound connections with our inner selves, which promotes spiritual development and peace. This holy time reminds us which the Main of devotion is the purity of our hearts as well as sincerity of our prayers.
* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।
गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।
* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।
Gupt Navratri is especially important for many who are deeply associated with the sphere of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the best time to attain success in Exclusive sadhana and also to obtain blessings with the Guru.
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,
भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और more info दूर्वा डालें।
मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।